इलाहाबाद हाईकोर्ट: Non-Speaking Order के खिलाफ Special Appeal होगी सुनवाई योग्य
⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
Non-Speaking Order के विरुद्ध Special Appeal होगी सुनवाई योग्य
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एकल न्यायाधीश द्वारा बिना कारण बताए (Non-Speaking Order) आदेश पारित किया जाता है, तो उसके विरुद्ध विशेष अपील (Special Appeal) सुनवाई योग्य होगी।
📖 क्या था मामला?
विवाद एक सोसायटी की प्रबंधन समिति से संबंधित था। उप-पंजीयक, आगरा द्वारा सोसायटी का पंजीकरण निरस्त किया गया था तथा आयुक्त, आगरा मंडल ने अपील और पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी।
एकल न्यायाधीश ने आदेश तो पारित किया, लेकिन उसमें न तथ्यों का विश्लेषण किया गया, न कानूनी कारण बताए गए और न ही यह स्पष्ट किया गया कि याचिका स्वीकार हुई या केवल निस्तारित।
⚖️ हाईकोर्ट की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कहा कि कारणयुक्त (Reasoned) आदेश देना प्राकृतिक न्याय का अभिन्न हिस्सा है। बिना कारण के आदेश कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकते।
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📌 अंतिम निर्णय
हाईकोर्ट ने Special Appeal स्वीकार करते हुए 24 फरवरी 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया तथा रिट याचिका को पुनः मूल संख्या पर बहाल कर नई सुनवाई के लिए संबंधित एकल पीठ को भेज दिया।
"यदि किसी न्यायिक आदेश में कारण (Reasons) नहीं दिए गए हैं, तो वह Non-Speaking Order माना जाएगा और उसके विरुद्ध Special Appeal सुनवाई योग्य होगी।"